Notebook Making Business Kase Suru Kareनोटबुक बनाने का बिज़नेस कैसे करें

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Notebook Making Business
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दोस्तों हम इस लेख में जानेंगे की Making Business Kase Suru Kare? यानि की जानिए नोटबुक बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें? Notebook एक स्टेशनरी प्रोडक्ट है जिसका इस्तेमाल ऑफिस, घर, स्कूल, कॉलेज बहुत सी जगह किया जाता है। इसके बिना पढाई लिखाई किया जाना संभव नहीं है। विभिन्न विषयों की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न तरह के कॉपी का निर्माण किया जाता है।

आजके आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आप नोटबुक मेकिंग बिजनेस कैसे शुरू कर सकते हो। दोस्तो इस काम को शुरू करने की संपूर्ण जानकारी इस आर्टिकल में आपको मिल जाएगी। आप यह बिज़नेस किस तरह से शुरू कर सकते हो ? कच्चा माल क्या लगेगा ? और माल तैयार कैसे होगा ? और आपके कोन कोन से डॉक्युमेंट्स लगेगे ? यह सारी जानकारी आपको हमारे इस लेटेस्ट आर्टिकल में मिल जाएगी। तो चले आज का लेख शुरू करते हैं।

नमस्कार दोस्तो आप सब का हमारे ब्लॉग पर स्वागत है। यहां पर बिज़नेस ,हेल्थ ,फाइनेंस ,हिंदी essay ,तकनीक और इंटरनेट से जुडी जानकारी शेयर करते रहते हैं। अगर आप उन्हे मिस नहीं करना चाहते तो हमारे ब्लॉग की notification को bell icon दबाकर subscribe कर लें।

Notebook Making Business क्यों शुरू करना चाहिए ? :-

यह बिज़नेस कभी ख़त्म होने वाला नहीं हैं। और इसकी डिमांड मार्केट में बनी रहेगी। नोटबुक के भर जाने के कुछ ही दिनों में नोटबुक को दोबारा खरीदने की जरूरत पड़ती हैं। नोटबुक एक ऐसी वस्तु है जिसकी हर जगह जरूरत पड़ती हैं। जेसे स्कूल, कॉलेज, और ऑफिस में हर जगह जरूरत पड़ती है।

एक किलो पेपर में लगभग 6 से 7 नोटबुक बनाई जा सकती है। यदि इसे रिटेल में बेचें तो 15 रूपए प्रति पीस बिकता है। एक नोट बुक बनाने में कुल लागत 11 रूपए की पड़ती है। व्होलसेल में इस तरह की नोटबुक की क़ीमत 12 से 13 रूपए की होती है। इस तरह से व्होलसेल में प्रत्येक नोटबुक में 2 रू का लाभ कमाया जा सकता है।

Notebook Making के लिए आवश्यक रॉ मटेरियल और मशीने :-

आपको नोटबुक मेकिग बिज़नेस के लिए आपको रॉ मटेरियल में विभिन्न कोटेड अथवा अनकोटेड पेपर यानि दिस्ता पेपर और गत्ता की आवश्यकता होती है। यह आपको मार्केट में 60 या 62 रुपए प्रति किलोग्राम मिल जाएगी। इसके बाद गत्ता।कवर के लिए इस्तेमाल होने वाला गत्ता 1 रूपया प्रति पीस होता है। इसके बाद आपको नोटबुक बनाने के लिए मशीनों की जरूरत पड़ेगी सबसे पहले पिनिंग मशीन और दूसरे नंबर पर आपको ऐज स्क्वेयर मशीन, और तीसरी मशीन है कटिंग मशीन। बस यह तीन मशीनों की जरूरत पड़ेगी इन मशीन को चलाने के लिए 4 किलोवाट बिजली की जरुरत पड़ती है। इसे घरेलु बिजली से भी चलाया जा सकता है।

मशीन को ऑनलाइन भी खरीद सकते है और ऑफलाइन भी खरीद सकते है। इन मशीनों की कुल क़ीमत 5.5 लाख से 6 लाख के बीच में होती है। सभी मशीनें और रॉ मटेरियल लगाकर आप उसे आठ से दस लाख रुपए लगाकर बड़ी आसानी से शुरू कर सकते हो। और इस बिज़नेस को आप हलसेल शुरू करके बहुत अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हैं।

आवश्यक पंजीकरण :-

राजस्व को देखते हुए नोट बुक निर्माण इकाई के लिए एलएलपी या निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में सेटअप करना चाहिए। व्यापार पंजीकरण के अलावा, जीएसटी पंजीकरण जैसे कर पंजीकरण की आवश्यकता होगी। यदि नोट बुक को एक अद्वितीय ब्रांड नाम देना है, तो ट्रेडमार्क पंजीकरण प्राप्त करने की सलाह दी जाती है।

Notebook Making के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट :-

  • उद्योग आधार MSME के लिए पंजीकरण
  • व्यापार लाइसेंस
  • राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी)
  • वैट पंजीकरण
  • ट्रेडमार्क के लिए पंजीकरण करना

Notebook Making Kase Kare नोटबुक बनाने की प्रक्रिया :-

एक नोट बुक या व्यायाम पुस्तक का निर्माण बहुत आसान है। आवश्यक कागज की मात्रा को इकट्ठा करें और निम्नानुसार शुरू करें:

  • सत्तारूढ़ मशीन का उपयोग करके एक श्वेत पत्र पर नियम प्रिंट करें।
  • सबसे पहले शीट को इस तरह मोड़ें कि वह कॉपी के अनुसार कवर के आकार में आ जाए।
  • इसके बाद इसमें जितने पन्ने की कॉपी बनानी हो, उतने कागज को भी मोड़ कर उस कवर के बीच में रखे इसके बाद पिनिंग की प्रक्रिया शुरू होती है।
  • इस प्रक्रिया में इन कवर और उसके अन्दर डाले गये दिस्ता काग़ज़ को पिन करना होता है।पिंनिंग मशीन की सहायता से यह काम आसानी से हो जाता है।
  • और इसे कवर, लेबल आदि के साथ बांधें या सिलाई करें।
  • फिर इसे एज स्क्वायर मशीन पर ले जाकर इसकी फिनिशिंग करनी होती है। फिनिशिंग यानि कवर से बाहर निकले अतिरिक्त पन्ने आदि की छंटाई आदि। फिनिशिंग के बाद नोट बुक पूरी तरह स्क्वायर में हो जाती है।
  • इसके बाद नोटबुक बनकर ready हो जाती है अब पैकिंग करके इसे मार्किट के अन्दर सेल के लिए भेज सकते है |

पैकेजिंग :-

यदि रिटेल में अपना ब्रांड उतारना चाहते हैं तो यह सारा काम हाथ से किया जाता है। इनको एक दर्जन या आधा दर्जन यानी 6-6 और 12-12 प्रतियों में बांधा जाता है। होलसेल में पैक करने के लिए बड़े पैकेट्स बनाए जा सकते हैं। बड़े बड़े बैग्स में डीलर की आवश्यकता के अनुसार कॉपी पैक किया जा सकता है।

बिज़नेस की मार्केटिंग :-

कोई भी प्रोडक्ट सेल करना है तो उसकी मार्केटिंग जरुरी है। क्योकि कस्टमर को प्रोडक्ट के बारे में पता नही होगा तो कस्टमर कैसे खरीदेगा। अपनी कंपनी के लिए पैम्फलेट बांटकर, विशाल सार्वजनिक क्षेत्र में सड़क के किनारे फ्लेक्सीज़ लगाकर प्रचार करें। व्यक्तिगत बिक्री के लिए बड़े book स्टोर्स या stationery स्टोर से बात करना ज़रूरी है। क्योंकि इन्ही दुकानों से छोटी छोटी दुकान वाले साबुन खरीदते हैं। इसलिए बड़े stationery स्टोर्स से कांटेक्ट करे।

Notebook Making Business Plan :-

पहले लोकेशन सेलेक्ट की जाये उसके बाद अपना Business प्लान ready करे। और इस प्लान के अन्दर वह सभी चीजे डाले जो Business के अन्दर करनी होती है। जब Business प्लान ready हो जाये उसके बाद Financial Arrangement करनी पड़ती है। क्योकि इन्वेस्टमेंट के बिना कुछ नही किया जा सकता है। जब इन्वेस्टमेंट हो जाये तो उसके बाद लाइसेंस के लिए अप्लाई करे। जब Business के लिए लाइसेंस मिल जाये उसके बाद Business के लिए मशीन खरीदे। मशीनरी लेने के बाद उनके लिए Electricity Fitting करे और फिर मशीन लगाये। इसके बाद जरूरत के हिसाब से वर्कर लेके आये। उसके बाद अपना Business शुरु कर सकते है।

Conclusion :-

दोस्तो आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद करते हैं की आपको हमारा लेख पसंद आया होगा। जिसमे हमने आपको बताया है की नोटबुक बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें? इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। कुछ पूछना हो तो comments में पूछ सकते हैं। इस तरह की और updates के लिए आप notification subscribe कर सकते है।

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