Diwali Essay in Hindi (दीपावली पर निबंध हिंदी में)

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Diwali Essay
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दोस्तों आज हमारा लेख हैं । यानि की दीपावली पर निबंध ( Essay )हिंदी में। आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते है। परीक्षाओं में कई बार बच्चों को दीपावली पर निबंध हिंदी में पूछ लिया जाता है। यह निबंध बहुत ही सरल भाषा में दिया गया हैं। तो यह लेख आपके लिए लिखा गया है।तो चले आज का लेख शुरू करते हैं

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प्रस्तावना :-

दिवाली हिंदुओं के सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है जिसे बहुत उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है। दीपावली का अर्थ होता है ”दीप” और ”आवली” अर्थात यह दो शब्दों से मिलकर बना है। दिवाली के यह दोनों शब्द संस्कृत भाषा के शब्द है,जिसका मतलब होता है दीपों की श्रृंखला।

यह त्योहार साल में एक बार मनाया जाता है, जोकि अक्टूबर/नवंबर को अमावस्या की तिथि में मनाया जाता है। दिवाली के त्योहार का लोगों में बहुत इंतजार रहता है।हालांकि इसे हिंदू त्योहार माना जाता है, लेकिन विभिन्न समुदायों के लोग भी पटाखे और आतिशबाजी के जरिए इस उज्ज्वल त्योहार को मनाते हैं।

Diwali क्यों मनाते हैं? :-

पौराणिक कथाओं के अनुसार दिवाली के त्यौहार को इसलिए मनाया जाता है की 14 वर्ष के वनवास और रावण का वध करके भगवान् श्री राम अपने जन्मभूमि अयोध्या लौटे थे। इसलिए वहां के लोगो के द्वारा इस दिन घी के दिए जलाये गए थे ,तब से ही दिवाली का त्यौहार प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है।

दिवाली में विभिन्न प्रकार के उपहारों को अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों को तोहफे भेंट किये जाते है। इस त्योहार को ना केवल हम घर पर मनाते हैं। बल्कि इस त्योहार को मनाने का उत्साह सभी कार्यालयों, दफ्तरों, दुकानों वा अपने अपने प्रतिष्ठानों में देखा जाता है। सभी लोग अपनी खुशियो का इजहार अपने अपने तरीके से करते हैं।

Diwali त्योहार की तैयारी :-

दीपावली के कई दिनों पहले से ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई करने में जुट जाते हैं क्योंकि ऐसी मान्यता है कि जो घर साफ-सुथरे होते हैं, उन घरों में दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी विराजमान होती हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करके वहां सुख-समृद्धि में बढ़ोत्तरी करती है। यह साफ़ सफाई सिर्फ घरों तक ही नहीं सीमित है बल्कि लोग अपनी दुकान, ऑफिस, कार्यालय, प्रतिष्ठान आदि की भी साफ़ सफ़ाई कराना प्रारम्भ कर देते हैं।

अधिकतर व्यापारी भाई दिवाली के दिन से ही अपना नया वर्ष प्रारंभ करते हैं। अपने बहीखाते, सारे रिकार्ड, सारे बही नए प्रारंभ करते हैं। बाजार सज जाते हैं दुकानें दुल्हन की तरह सज जाती है।

Diwali कैसे मनाते हैं? :-

दीपावली को भारतवर्ष में विभिन्न प्रकार की लड़ियों और लाइटों से सजाया जाता है। और इनके साथ साथ पुरे घर में दीये भी जालये जाते है। और घरो में अनेक प्रकार के रंगो से रंगोली भी बनाई जाती है। इस त्यौहार को मिठाई और पटाखों फुलझड़ियों के द्वारा बड़े हर्षों-उल्लास के साथ मनाया जाता है।

दिवाली के शुभ अवसर में हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सूर्यास्त होने के पश्चात भगवान् गणेश और माता लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। यह पूजा धन की प्राप्ति और स्वस्थ जीवन के लिए की जाती है। लक्ष्मी जी के आवागमन के लिए उस दिन घरों में रंगोली भी बनाई जाती है। और लक्ष्मी जी की पूजा के लिए लक्ष्मी आरती की जाती है।

इस शुभ अवसर पर, बाजारों में गणेश जी, लक्ष्मी जी, राम जी आदि की मूर्तियों की खरीदारी की जाती है। बाजारों में खूब चहल पहल होती है। लोग इस अवसर पर नए कपड़े, बर्तन, मिठाइयां आदि खरीदते है।दूकानदार अपनी दुकानें फुटपाथ पर, सड़क के किनारे सजा लेते हैं। पटाखों की दुकानें, अगरबत्ती और मोमबत्तियों की दुकानें, लायी, खील इत्यादि की अस्थाई रूप से दुकानें सज जाती हैं।

फुलझड़ी, पटाखे आदि तरह के पटाखों को दिवाली में जश्न के रूप में फोड़ा जाता है। असंख्य दीपों की रंग-बिरंगी रोशनियां मन को अपने तरफ आकर्षित कर लेती है। बाजारों दुकानों,और घरों की सजावट दर्शनीय रहती है। इस त्यौहार में अमीर-गरीब का भेदभाव को भूलकर मिल जुलकर त्यौहार को मनाते है। दीपावली की शुभकामनाएं एक-दूसरे को गले लगाकर दी जाती है। मेहमानो का स्वागत विभिन्न प्रकार की मिठाई और व्यंजनों से किया जाता है।

Diwali पर सामाजिक कुरीतियां :-

कुछ असामाजिक तत्व अपने निरंतर प्रयास जैसे मदिरापान, टोना-टोटका करना और पटाखों के गलत इस्तेमाल से ख़राब करने में जुटे रहते हैं। इस दिन कुछ लोग पांसा खेलते हैं या फिर ताश या फिर जुआ। ये सब त्योहार के प्रतीक हैं। मेरे अनुसार तो यह अंधविश्वास है, जहां तक हो सके अच्छाइयों को ग्रहण करना चाहिए और बुराइयों से दूर रहना चाहिए।

उपसंहार :-

हमें इस बात को समझना होगा कि दीपावली के त्योहार का अर्थ दीप, प्रेम और सुख-समृद्धि से है। इसलिए पटाखों का इस्तेमाल सावधानी पूर्वक और अपने बड़ों के सामने रहकर करना चाहिए। दिवाली का त्योहार हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। दीपावली का त्योहार सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। इस त्योहार के कारण लोगों में आज भी सामाजिक एकता बनी हुई है।

दिवाली त्योहार से बहुत सारे लाभ हैं, दिवाली के बहाने सभी परिवार के लोगो से एक साथ मिलने का मौका मिल जाता है। दिवाली त्यौहार के इसी बहाने हमारे घर की और घर के सभी सामान की साफ सफाई हो जाती है।इसलिए दीपोत्सव यानि दीपावली पर प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा देने के प्रयत्न करने चाहिए।

Conclusion :-

दोस्तो आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद करते हैं की आपको हमारा लेख पसंद आया होगा। जिसमे हमने आपको बताया है की Diwali Essay in Hindi (दीपावली पर निबंध ( Diwali Essay ) हिंदी में)। इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। कुछ पूछना हो तो comments में पूछ सकते हैं। इस तरह की और updates के लिए आप notification subscribe कर सकते है।

FAQ :-

Q. दीपावली के त्यौहार को प्रत्येक वर्ष कब मनाया जाता है ?
Ans. अक्टूबर/नवंबर को अमावस्या की तिथि में मनाया जाता है।

Q. दिवाली के त्यौहार में मुख्यतः कौन से भगवान् की पूजा की जाती है ?
Ans. मुख्यतः भगवान गणेश और माता लक्ष्मी जी की पूजा दिवाली के शुभ अवसर पर की जाती है।

Q. वर्ष 2021 में दीपावली का त्यौहार कब मनाया जायेगा ?
Ans. 4 नवंबर 2021 को दीपावली का त्यौहार मनाया जायेगा।

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